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(12) सहायिकी कार्यक्रमों की निष्पादन की रीति जिसमें आवंटित
राशि और ऐसे कार्यक्रमों के फायदाग्राहियों के व्यौरे सम्मिलित
है
Manner
of execution of Subsidies Programmes and Grants
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उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा
जिला सेक्टर की मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना तथा खादी
और ग्रामोद्योग आयोग की
प्रधानमंत्री
रोजगार
सृजन
कार्यक्रम योजना संचालित की
जा रही है जिनका संक्षिप्त विवरण निम्नानुसार है:-
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क्र० |
विवरण के बिन्दु |
मुख्य मंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना
(जिला सेक्टर) |
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम
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1. |
वित्तपोषण का माघ्यम |
राष्ट्रीय/क्षेत्रीय ग्रामीण/सहकारी बैंक |
राष्ट्रीय/क्षेत्रीय ग्रामीण/बैंक |
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2. |
ऋण की
अधिकतम सीमा |
रू०
10.00 लाख |
रू०
25.00 लाख |
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3. |
उद्यमी
का अंश |
परियोजना लागत का 10% |
सामान्य लाभार्थियों हेतु 10% तथा अनु० जाति/जनजाति, पिछड़ा वर्ग,
अल्पसंख्यक,महिला,विकलांग एवं भूवपूर्व सैनिक हेतु 5% |
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4. |
ऋण पर
ब्याज |
बैंक
द्वारा निर्धारित |
बैंक
द्वारा निर्धारित |
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5. |
उद्यमी
द्वारा देय ब्याज |
सामान्य
वर्ग -
4%
vkjf{kr
वर्ग -
0 |
बैंक
द्वारा निर्धारित |
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6. |
ब्याज
उपादान |
lkekU;
वर्गZ&&4% से अधिक
vkjf{kr
वर्गZ& iw.kZ |
-- |
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7. |
ऋण
वसूली की अवधि |
बैंक
द्वारा निर्धारित |
बैंक
द्वारा निर्धारित |
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8. |
मार्जिन मनी सब्सिडी |
-- |
सामान्य वर्ग के लिए रू०
25.00 लाख तक की परियोजना लागत पर 25% एवं अन्य वर्गो के लिए 35% |
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9. |
आवेदन
पत्र की उपलब्धता |
जिला
ग्रामोद्योग कार्यालय |
जिला
ग्रामोद्योग कार्यालय |
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10. |
ऋण
आवेदन पत्र के साथ |
ऋण
आवेदन पत्र की दो प्रति |
ऋण
आवेदन पत्र की दो प्रति |
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11. |
अपेक्षित प्रपत्र |
शैक्षिक/तकनीकी योग्यता/
प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, दो पासपोर्ट साईज फोटो उद्योग की बुकेबुल
परियोजना ऋण की सुरक्षा हेतु जमानत के साक्ष्य आयु सीमा प्रमाण पत्र |
शैक्षिक/तकनीकी योग्यता/प्रशिक्षण
प्रमाण पत्र ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साईज फोटो, उद्योग
की बुकेबुल परियोजना ऋण की सुरक्षा हेतु जमानत के साक्ष्य आयु सीमा के
प्रमाण पत्र |
नोट:- उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड से
आर्थिक सहायता प्राप्त करने हेतु सम्बन्धित जिले के जिला ग्रामोद्योग
अधिकारी/परिक्षेत्र में परिक्षेत्रीय अधिकारियों से सम्पर्क कर पूर्ण
जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, तथा बोर्ड मुख्यालय 8-तिलक मार्ग, लखनऊ से भी
सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है।
ग्रामीण औद्योगीकरण के क्षेत्र मे उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड की
अहम भूमिका है। इसका सीधा सम्बन्ध ग्रामीण अर्थव्यवस्था, अनुसूचित जाति/
जन जाति/, अल्पसंख्यक, महिलाओं, विकलांग, भूतपूर्व सैनिक एवं पिछड़े वर्ग
के उत्थान से है।
ग्रामीण क्षेत्र में आज भी परम्परागत कौशल को बढ़ावा देने से विकास की
अच्छी सम्भावना है। ग्रामीण अंचलों के शिक्षित बेरोजगार युवकों को
प्रशिक्षित करके उन्हें अपने ही गाँव में मनपसन्द उद्योग स्थापित करने
में बोर्ड आर्थिक सहायता प्रदान करता है।
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