विभागीय योजनाओं के वित्तीय एवं भौतिक पक्षों में पारस्परिक
सामन्जस्य स्थापित करने के उद्देश्य से विभाग के कार्यकलापों
को वर्गीकृत करते हुए उ०प्र० कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के
प्रशासनिक नियंत्रण में खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड अपनी
योजनाएं संचालित करता है। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ग्रामीण
क्षेत्र में छोटे-छोटे कुटीर उद्योग स्थापित कर ग्रामीण
क्षेत्र में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान कर रहा है।
इससे प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर धन्धे स्थापित कर
रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने में सफलता प्राप्त होगी।
मूलभूत उद्देश्य :-
शासन द्वारा इस निदेशालय की स्थापना निम्न उद्देश्यों को
दृष्टिगत रखकर की गयी :-
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कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों से संबंधित सांख्यकीय आधार (डाटा
बेस) को सुदृढ़ किया गया तथा इन उद्योगों हेतु नीति निर्धारण
में प्रदेश शासन को आवश्यक सहयोग दिया गया।
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प्रदेश में कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों के व्यापक तथा समन्वित
विकास हेतु आवश्यक परियोजनाओं/योजनाओं की संरचना तथा
कार्यान्वित की जाने वाली समस्त परियोजनाओं का प्रभावी
अनुश्रवण।
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कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों हेतु शासन द्वारा स्वीकृत धनराशि
का आहरण वितरण करना तथा उसका सम्पूर्ण लेखा-जोखा रखना।
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कुटीर एवं ग्रामीण उद्योगों से संबंधित विभिन्न
संस्थाओं/शासकीय विभागों से प्रभावी समन्वय स्थापित करना।
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अन्य कार्य जो प्रदेश शासन द्वारा निदेशालय को समय-समय पर
आवंटित किये जायें।